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मजनूँ गोरखपुरी की कहानियाँ
तुम मेरे हो
यह सायरा नाम की एक ऐसी लड़की की कहानी है, जो शादीशुदा होने के बावजूद अपने चचाज़ाद भाई जमील से मोहब्बत करने लगती है। जमील भी उसे चाहता है। जब उसकी इस चाहता का रिश्तेदारों को पता चलता है तो वे जमील की शादी कर देने के बारे में सोचते हैं। सायरा के कारण जमील शादी करने से इंकार कर देता है और शहर छोड़कर चला जाता है। जमील के जाने बाद सायरा उसकी जुदाई में तड़पकर मर जाती है।
बुढ़ापा
एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो एक वेश्या से मोहब्बत के कारण अपनी पत्नी को तलाक़ दे देता है। उसके इस तलाक़ में मस्जिद का मौलवी दोनों पक्षों को खू़ब लूटता है। पचास साल बाद जब वह दोबारा उस गाँव में आता है तो मौलवी उसे सारी बात सच-सच बता देता है। मौलवी का बयान सुनकर वह अपनी पत्नी की क़ब्र पर जाता है, और चाहकर भी रो नहीं पाता।
मोहब्बत का जोग
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जिसे एक रोज़ दरिया पर घूमते वक़्त एक बेहद ख़ूबसूरत लड़की दिखाई देती है। जब वह उसकी तलाश में दोबारा जाता है तो वह उसे कहीं नहीं मिलती। उस लड़की का उस पर ऐसा नशा होता है कि वह रात-दिन उसी के विचारों में खोया रहता है। कुछ दिनों बाद दरिया के उसी किनारे पर उसे एक साधू मिलता है। साधू उसे उस लड़की से मिलने का ऐसा उपाय बताता है कि जिसके पूरा होते ही उसकी पूरी ज़िंदगी बदल कर रह जाती है।
मोहब्बत का दम-ए-वापसीं
यह मरियम नाम की एक ऐसी लड़की की कहानी है, जिसने अपनी ज़िंदगी में केवल अपने शौहर से ही मोहब्बत की है। लेकिन जब उसे पता चलता है कि उसके शौहर के किसी और औरत से भी सम्बंध हैं तो ग़ुस्से से आग-बगूला हो जाती है। वह शौहर से उस औरत के बारे में पूछती है तो उसके जवाब में वह मरियम को ख़ुद उस औरत से मिलाने के लिए ले जाता है।
समन पोश
यह एक ऐसे व्यक्ति की कहानी है, जो अपनी बीवी से बे-पनाह मोहब्बत करता है। उसकी बीवी भी उसे दिल-ओ-जान से चाहती है। मगर एक रोज़ जब वह उसे अपने दोस्त की बाँहों में देखता है तो बिना हक़ीक़त जाने उसे क़त्ल कर देता है। बीवी के क़त्ल के बाद वह ख़ुद भी ज़्यादा अर्सा ज़िंदा नहीं रहता और उसकी जुदाई के दुख में ख़ुदकुशी कर लेता है।
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