aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Afzal Hazarvi's Photo'

अफ़ज़ल हज़ारवी

1963 | पाकिस्तान

अफ़ज़ल हज़ारवी

ग़ज़ल 9

अशआर 5

अंदर से मैं टूटा-फूटा एक खंडर वीराना था

ज़ाहिर जो ता'मीर होती तो मैं यारो क्या करता

मुस्काती आँखों में अक्सर

देखे हम ने रोते ख़्वाब

सफ़ीना हो रहा है ग़र्क़-ए-तूफ़ाँ

निगाहों से किनारे जा रहे हैं

पंछी सारे पेड़ से उड़ जाएँगे

सहन में इक ख़ामुशी रह जाएगी

खेत जल-थल कर दिए सैलाब ने

मर गए अरमान सब दहक़ान के

Recitation

Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi

GET YOUR PASS
बोलिए