Athar Nafees's Photo'

अतहर नफ़ीस

1933 - 1980 | कराची, पाकिस्तान

नई ग़ज़ल के महत्वपूर्ण पाकिस्तानी शायर/अपनी ग़ज़ल ‘वो इश्क़ जो हम से छूट गया........’ के लिए प्रसिद्ध जिसे कई गायकों ने आवाज़ दी है

नई ग़ज़ल के महत्वपूर्ण पाकिस्तानी शायर/अपनी ग़ज़ल ‘वो इश्क़ जो हम से छूट गया........’ के लिए प्रसिद्ध जिसे कई गायकों ने आवाज़ दी है

अतहर नफ़ीस

ग़ज़ल 22

शेर 20

दरवाज़ा खुला है कि कोई लौट जाए

और उस के लिए जो कभी आया गया हो

हमारे इश्क़ में रुस्वा हुए तुम

मगर हम तो तमाशा हो गए हैं

  • शेयर कीजिए

मुझ को फ़रेब देने वाले

मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूँ

कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा

होता रहता है यूँ ही क़र्ज़ बराबर मेरा

ख़्वाबों के उफ़ुक़ पर तिरा चेहरा हो हमेशा

और मैं उसी चेहरे से नए ख़्वाब सजाऊँ

वीडियो 15

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

अतहर नफ़ीस

'अतहर' तुम ने इश्क़ किया कुछ तुम भी कहो क्या हाल हुआ

अतहर नफ़ीस

बे-नियाज़ाना हर इक राह से गुज़रा भी करो

अतहर नफ़ीस

बे-नियाज़ाना हर इक राह से गुज़रा भी करो

अतहर नफ़ीस

ऑडियो 7

'अतहर' तुम ने इश्क़ किया कुछ तुम भी कहो क्या हाल हुआ

कभी साया है कभी धूप मुक़द्दर मेरा

दिल की मसर्रतें नई जाँ का मलाल है नया

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित शायर

"कराची" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI