Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

अहसन अली ख़ाँ

ग़ज़ल 5

 

नज़्म 1

 

अशआर 1

अश्कों के निशाँ पर्चा-ए-सादा पे हैं क़ासिद

अब कुछ बयाँ कर ये इबारत ही बहुत है

  • शेयर कीजिए

अश्कों के निशाँ पर्चा-ए-सादा पे हैं क़ासिद

अब कुछ बयाँ कर ये इबारत ही बहुत है

  • शेयर कीजिए
 

पुस्तकें 6

 

"इस्लामाबाद" के और शायर

Recitation

बोलिए