Farhat Ehsas's Photo'

फ़रहत एहसास

1952 | दिल्ली, भारत

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायरों में विख्यात।

महत्वपूर्ण उत्तर-आधुनिक शायरों में विख्यात।

फ़रहत एहसास

ग़ज़ल 152

नज़्म 25

शेर 86

इक रात वो गया था जहाँ बात रोक के

अब तक रुका हुआ हूँ वहीं रात रोक के

  • शेयर कीजिए

चाँद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है

अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है

  • शेयर कीजिए

वो चाँद कह के गया था कि आज निकलेगा

तो इंतिज़ार में बैठा हुआ हूँ शाम से मैं

  • शेयर कीजिए

इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से

मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँ नहीं करते

  • शेयर कीजिए

किसी कली किसी गुल में किसी चमन में नहीं

वो रंग है ही नहीं जो तिरे बदन में नहीं

  • शेयर कीजिए

क़ितआ 1

 

पुस्तकें 289

चित्र शायरी 21

वीडियो 16

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
हास्य वीडियो

फ़रहत एहसास

फ़रहत एहसास

ऑडियो 10

अब दिल की तरफ़ दर्द की यलग़ार बहुत है

उस तरफ़ तू तिरी यकताई है

कभी हँसते नहीं कभी रोते नहीं कभी कोई गुनाह नहीं करते

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

संबंधित ब्लॉग

 

संबंधित शायर

"दिल्ली" के और शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI