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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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Ghulam Rabbani Taban's Photo'

ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ

1914 - 1993 | दिल्ली, भारत

तरक़्क़ी पसंद तहरीक से वाबस्ता क्लासिकी लहजे के मारूफ़ शायर

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ग़ुलाम रब्बानी ताबाँ की ग़ज़लें

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