Gulzar's Photo'

सम्पूर्ण सिंह/प्रमुख फि़ल्म निर्माता और निर्देशक, फि़ल्म गीतकार और कहानीकार/मिर्ज़ा ग़ालिब पर टीवी सीरियल के लिए प्रसिद्ध/साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त

सम्पूर्ण सिंह/प्रमुख फि़ल्म निर्माता और निर्देशक, फि़ल्म गीतकार और कहानीकार/मिर्ज़ा ग़ालिब पर टीवी सीरियल के लिए प्रसिद्ध/साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त

गुलज़ार

ग़ज़ल 38

नज़्म 68

अशआर 50

आप के बा'द हर घड़ी हम ने

आप के साथ ही गुज़ारी है

आइना देख कर तसल्ली हुई

हम को इस घर में जानता है कोई

शाम से आँख में नमी सी है

आज फिर आप की कमी सी है

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा

क़ाफ़िला साथ और सफ़र तन्हा

कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़

किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे

कहानी 2

 

पुस्तकें 22

चित्र शायरी 15

वीडियो 38

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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
Gulzar - Mushaira - Majlise Auditorium - Poems - By Gulzar

गुलज़ार

Gulzar Nazm In His Own Voice | 41 Nazm Jukebox Collection written and recited by Gulzar Saab

गुलज़ार

gulzar poetry ,, pyar kabhi ik tarfa hota hai na hoga

गुलज़ार

Poet Gulzar recites his poems

गुलज़ार

ग़ालिब

बल्ली-मारां के मोहल्ले की वो पेचीदा दलीलों की सी गलियाँ गुलज़ार

Din Kuchh Aise Guzaarta Hai Koi | Gulzar Nazm In His Own Voice

गुलज़ार

अकेले

किस क़दर सीधा, सहल, साफ़ है रस्ता देखो गुलज़ार

आदत

साँस लेना भी कैसी आदत है गुलज़ार

ओस पड़ी थी रात बहुत और कोहरा था गर्माइश पर

गुलज़ार

किताबें

किताबें झाँकती हैं बंद अलमारी के शीशों से गुलज़ार

ख़ुद-कुशी

बस इक लम्हे का झगड़ा था गुलज़ार

दस्तक

सुब्ह सुब्ह इक ख़्वाब की दस्तक पर दरवाज़ा खोला' देखा गुलज़ार

बे-ख़ुदी

दो सौंधे सौंधे से जिस्म जिस वक़्त गुलज़ार

बीते रिश्ते तलाश करती है

गुलज़ार

रूह देखी है कभी!

रूह देखी है? गुलज़ार

लिबास

मेरे कपड़ों में टंगा है गुलज़ार

ऑडियो 6

अलाव

ख़ुदा

चम्पई धूप

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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