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दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया
जब चली सर्द हवा मैं ने तुझे याद किया
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मुझ को तो होश नहीं तुम को ख़बर हो शायद
लोग कहते हैं कि तुम ने मुझे बर्बाद किया
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इस का रोना नहीं क्यूँ तुम ने किया दिल बर्बाद
इस का ग़म है कि बहुत देर में बर्बाद किया
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वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
ऑडियो 8
क़दम इंसाँ का राह-ए-दहर में थर्रा ही जाता है
गुदाज़-ए-दिल से बातिन का तजल्ली-ज़ार हो जाना
ज़ालिम ये ख़मोशी बेजा है इक़रार नहीं इंकार तो हो
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