नोमान शौक़
ग़ज़ल 124
नज़्म 10
अशआर 87
रेल देखी है कभी सीने पे चलने वाली
याद तो होंगे तुझे हाथ हिलाते हुए हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
रेल देखी है कभी सीने पे चलने वाली
याद तो होंगे तुझे हाथ हिलाते हुए हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
तुम तो सर्दी की हसीं धूप का चेहरा हो जिसे
देखते रहते हैं दीवार से जाते हुए हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
तुम तो सर्दी की हसीं धूप का चेहरा हो जिसे
देखते रहते हैं दीवार से जाते हुए हम
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
पुस्तकें 9
वीडियो 7
This video is playing from YouTube