Nooh Narvi's Photo'

नूह नारवी

1878 - 1962

अपने बेबाक लहजे के लिए विख्यात / ‘दाग़’ दहलवी के शागिर्द

अपने बेबाक लहजे के लिए विख्यात / ‘दाग़’ दहलवी के शागिर्द

नूह नारवी

ग़ज़ल 82

अशआर 91

अदा आई जफ़ा आई ग़ुरूर आया हिजाब आया

हज़ारों आफ़तें ले कर हसीनों पर शबाब आया

  • शेयर कीजिए

हम इंतिज़ार करें हम को इतनी ताब नहीं

पिला दो तुम हमें पानी अगर शराब नहीं

  • शेयर कीजिए

सुनते रहे हैं आप के औसाफ़ सब से हम

मिलने का आप से कभी मौक़ा नहीं मिला

  • शेयर कीजिए

इश्क़ में कुछ नज़र नहीं आया

जिस तरफ़ देखिए अँधेरा है

  • शेयर कीजिए

मिलना जो हो तुम को तो कह दो मिलेंगे

ये क्या कभी परसों है कभी कल है कभी आज

पुस्तकें 3

 

चित्र शायरी 1

 

वीडियो 5

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
अन्य वीडियो
आप जिन के क़रीब होते हैं

अज्ञात

आप जिन के क़रीब होते हैं

अज्ञात

आप जिन के क़रीब होते हैं

अज्ञात

आप जिन के क़रीब होते हैं

अज्ञात

कूचा-ए-यार में कुछ दूर चले जाते हैं

भारती विश्वनाथन

संबंधित शायर

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

बोलिए