Sabir Aafaque's Photo'

साबिर आफ़ाक़

1982 | जलगाँव, भारत

साबिर आफ़ाक़

ग़ज़ल 10

नज़्म 1

 

अशआर 10

मौत जाए वबा में ये अलग बात मगर

हम तिरे हिज्र में नाग़ा तो नहीं कर सकते

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मुझ को लगता है घड़ी जिस ने बनाई होगी

इंतिज़ार उस को भी शिद्दत से किसी का होगा

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बहुत ही ख़ुश्की में गुज़री है इस बरस होली

गिला है तुझ से कि गीला नहीं किया मुझ को

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अना का सिर्फ़ मोहब्बत इलाज है 'आफ़ाक़'

तू नोक वाले मुसल्लस को दाएरे में मिला

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पूछ उस शख़्स से मैं जिस को नहीं मिल पाया

मैं तुझे जितना मयस्सर हूँ तिरी क़िस्मत है

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Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI

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