Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
Syed Aabid Ali Aabid's Photo'

सय्यद आबिद अली आबिद

1906 - 1971 | लाहौर, पाकिस्तान

पाकिस्तान के प्रमुखतम आलोचकों में शामिल

पाकिस्तान के प्रमुखतम आलोचकों में शामिल

सय्यद आबिद अली आबिद

ग़ज़ल 36

नज़्म 3

 

अशआर 28

दम-ए-रुख़्सत वो चुप रहे 'आबिद'

आँख में फैलता गया काजल

तेरे ख़ुश-पोश फ़क़ीरों से वो मिलते तो सही

जो ये कहते हैं वफ़ा पैरहन-ए-चाक में है

  • शेयर कीजिए

इक दिन उस ने नैन मिला के शर्मा के मुख मोड़ा था

तब से सुंदर सुंदर सपने मन को घेरे फिरते हैं

या कभी आशिक़ी का खेल खेल

या अगर मात हो तो हाथ मल

  • शेयर कीजिए

उन्हीं को अर्ज़-ए-वफ़ा का था इश्तियाक़ बहुत

उन्हीं को अर्ज़-ए-वफ़ा ना-गवार गुज़री है

तंज़-ओ-मज़ाह 1

 

पुस्तकें 96

वीडियो 9

This video is playing from YouTube

वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए

सय्यद आबिद अली आबिद

सय्यद आबिद अली आबिद

सय्यद आबिद अली आबिद

सय्यद आबिद अली आबिद

आम हो फ़ैज़-ए-बहाराँ तो मज़ा आ जाए

सय्यद आबिद अली आबिद

शौक़ से ख़ुद जो मिरे राह-नुमा होते हैं

सय्यद आबिद अली आबिद

जो भी मिंजुमला-ए-आशुफ़्ता सरा होता है

सय्यद आबिद अली आबिद

दिन ढला शाम हुई फूल कहीं लहराए

सय्यद आबिद अली आबिद

ऑडियो 5

आम हो फ़ैज़-ए-बहाराँ तो मज़ा आ जाए

कहो बुतों से कि हम तब्अ सादा रखते हैं

गर्दिश-ए-जाम नहीं रुक सकती

Recitation

संबंधित शायर

"लाहौर" के और शायर

Recitation

बोलिए