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तक़ाबुली तनक़ीद पर स्कॉलर लेख

मीर, ग़ालिब और इक़बाल: ध्वन्यात्मक लय का एक तुलनात्मक अध्ययन

यह लेख मीर तक़ी मीर, मिर्ज़ा ग़ालिब और अल्लामा इक़बाल की शायरी के सौतियाती निज़ाम (ध्वन्यात्मक व्यवस्था) का तुलनात्मक जायज़ा पेश करता है, और बताता है कि इक़बाल ने किस तरह मीर की नग़्मगी (मधुरता) और ग़ालिब की शुकोह-मंदी (भव्यता) को एक साथ मिलाया।

मीर और ग़ालिब की कल्पना की तुलना: तजरीद (अमूर्तता) और तज्सीम (मूर्तता) की कश्मकश

इस लेख में मीर तक़ी मीर और मिर्ज़ा ग़ालिब की काव्यात्मक कल्पना का तुलनात्मक जायज़ा लिया गया है, जिसमें ग़ालिब की 'तजरीदियत' (Abstraction) और मीर की 'तज्सीम' (Concreteness) के फ़र्क़ को स्पष्ट किया गया है।

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