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पैकर तराशी पर स्कॉलर

रचनात्मक ज़बान के तत्व: तश्बीह, इस्तिआरा और पैकर की समझ

शम्सुर्रहमान फ़ारूक़ी की आलोचनात्मक समझ की रोशनी में रचनात्मक ज़बान के बुनियादी तत्वों, तश्बीह, इस्तिआरा और पैकर, का विश्लेषण और उनकी समझ।

रात, तन्हाई और चाँदनी: फ़ैज़ की शायरी का बुनियादी जमालियाती (सौंदर्यवादी) मूड

यह लेख फ़ैज़ की शायरी में रात, चाँदनी और तन्हाई के चित्रण का विश्लेषण करता है, जो उनके कलाम में एक ख़ास और गहरा सौंदर्यवादी माहौल पैदा करता है।

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