जलन पर चित्र/छाया शायरी

हसद एक बुरा जज़्बा है

ही लेकिन शायरी में ये किस तरह अपनी सूरतें बदलता है और इश्क़ के बाब में इस की कितनी दिल-चस्प शक्लें नज़र आती हैं ये देखने के लायक़ है। दर-अस्ल शायरी में इस तरह के तमाम मौज़ूआत अपनी आम समाजी तफ़्हीम से अलग एक मानी क़ाएम करते हैं। हसद को मौज़ू बनाने वाली शायरी के इस इन्तिख़ाब को पढ़ कर आप लुत्फ़ अन्दोज़ होंगे।

Jashn-e-Rekhta | 2-3-4 December 2022 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate, New Delhi

GET YOUR FREE PASS
बोलिए