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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

गुलाब पर शेर

था शाख़ पर गुलाब बड़ी शान से मगर

जूड़े में तेरे और तरहदार हो गया

शकील इबन-ए-शरफ़

खिल रहे हैं गुलाब ज़ख़्मों के

शुक्रिया आप की नवाज़िश का

एजाज़ रहमानी

बा'द मुद्दत के गुलाबों की महक आई है

उस ने परदेस से भेजा कोई ख़त है मुझ को

राहत हसन

कली चटख़ के लबों के मिज़ाज तक पहुँची

गुलाब टूट के सुर्ख़ी-ए-गाल तक आए

तौक़ीर अहमद

गुलाब काग़ज़ में गुम हैं ऐसे

हसीन मंज़र सराब में गुम

फ़ारुक़ अहमद बट

उन्हीं से ताज़गी-ए-ज़ेहन है नसीब मुझे

गुलाब चेहरे हमेशा नज़र में रहते हैं

अब्दुस्समद ख़तीब

जो पूरे होने से रह गए थे वो ख़्वाब रक्खे हुए हैं घर में

यक़ीन मानो पुरानी रुत के गुलाब रक्खे हुए हैं घर में

मोहम्मद मुबशशिर मेयो
बोलिए