सोशल डिस्टेन्सिंग शायरी पर चित्र/छाया शायरी

इन दूरियों ने और बढ़ा दी हैं क़ुर्बतें

मुमकिन है यही दिल के मिलाने का सबब हो

कुछ रोज़ नसीर आओ चलो घर में रहा जाए

बोलिए