उर्दू ग़ज़ल: हिंदुस्तानी तहज़ीब और समाजी शुऊर का आईना
उर्दू ग़ज़ल पर फ़ारसी का गहरा असर होने के बावुजूद, यह हिंदुस्तानी तहज़ीब, मौसमों, रस्म-ओ-रिवाज और समाजी और सियासी करवटों की एक सच्ची और रंगारंग तस्वीर पेश करती है।
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उर्दू ग़ज़ल पर फ़ारसी का गहरा असर होने के बावुजूद, यह हिंदुस्तानी तहज़ीब, मौसमों, रस्म-ओ-रिवाज और समाजी और सियासी करवटों की एक सच्ची और रंगारंग तस्वीर पेश करती है।