तुम लगाते चलो अश्जार जिधर से गुज़रो
उस के साए में जो बैठेगा दुआ ही देगा
उस पेड़ के हर फल में मिरा हक़ ज़रा रखना
जिस नन्हे से पौदे को शजर मैं ने किया है
गिल है आरिज़ तो क़द्द-ए-यार दरख़्त
कब हो ऐसा बहार-दार दरख़्त
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
तुम लगाते चलो अश्जार जिधर से गुज़रो
उस के साए में जो बैठेगा दुआ ही देगा
उस पेड़ के हर फल में मिरा हक़ ज़रा रखना
जिस नन्हे से पौदे को शजर मैं ने किया है
गिल है आरिज़ तो क़द्द-ए-यार दरख़्त
कब हो ऐसा बहार-दार दरख़्त
Jashn-e-Rekhta | 8-9-10 December 2023 - Major Dhyan Chand National Stadium, Near India Gate - New Delhi
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